http://www.livehindustan.com/news/entertainment/article1-director-vinod-kapdi-film-miss-tanakpur-hazir-ho-484567.html
इन दिनों सोशल मीडिया से लेकर खबरों में सिर्फ निर्देशक विनोद कापड़ी की मिस टनकपुर की ही चर्चा है। फिल्म का प्रमोशन करने हिन्दुस्तान के दफ्तर आए विनोद ने मिस टनकपुर से जुड़ी कई दिलचस्प बातों का खुलासा किया। पेश है विनोद कापड़ी और उनकी मिस टनकपुर की टीम से की गई बातचीत के कुछ अंश।
यूट्यूब पर भले ही विनोद कापड़ी की फिल्म मिस टनकपुर को अच्छा रिस्पॉन्स मिला हो, लेकिन फिल्म में किसी सुपरस्टार के न होने से विनोद को शुरुआती दिनों में काफी मुसीबतों का सामना करना पड़ा। विनोद कापड़ी का कहना है कि बॉलीवुड में एक निर्माता-निर्देशक के लिए फिल्म बनाना तो बहुत आसान है, लेकिन फिल्म को बेचना उतना ही मुश्किल। क्योंकि बॉलीवुड में जब कोई बड़ा हीरो किसी फिल्म के साथ जुड़ता है तो उस फिल्म को आसानी से बड़ी निर्माता कंपनी का साथ मिल जाता है, वहीं नई फिल्मों और कलाकारों को काफी कठिनाइयां आती हैं। मैंने अपनी फिल्म के लिए कई लोगों से बात की, लेकिन सब यही सोच रहे थे कि इस फिल्म में कोई सुपरस्टार नहीं है। मैं खुशकिस्मत हूं जो मुझे फिल्म निर्माण कंपनी फॉक्स स्टार स्टूडियो का साथ मिला है और मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि भले ही हमारी फिल्म में कोई सुपरस्टार नहीं है, लेकिन इस फिल्म में काम करने वाले सभी कलाकार सुपर टैलेंटेड स्टार हैं।
टनकपुर पर ठनक गई
मिस टनकपुर में जितने भी कलाकार काम कर रहे हैं। उन सभी की आपस में अच्छी कैमेस्ट्री हो गई है। प्रमोशन के दौरान भी यह कैमेस्ट्री देखने को मिल रही थी। फिल्म में खास भूमिका निभा रहे रवि किशन का कहना है कि जब विनोद ने मुझे फिल्म के बारे में और फिल्म का नाम बताया था तो मैं उन पर भरोसा नहीं कर रहा था। क्योंकि एक तो वह नए निर्देशक हैं और ऊपर से इनकी फिल्म का नाम और विषय कुछ अलग था, लेकिन बाद में जब मैं फिल्म का हिस्सा बना तो मेरी सोच ही बदल गई। आज इस फिल्म के कारण मेरे और विनोद के संबंध खास हो गए हैं। गौरतलब है कि फिल्म की कहानी ग्रामीण परिवेश के एक युवक के बारे में है, जिस पर भैंस मिस टनकपुर के साथ दुष्कर्म का झूठा आरोप मढ़ दिया जाता है। इस आरोप के बदले पंचायत उस युवक को भैंस से शादी करने का फरमान जारी कर देती है।
ऋषिता बनीं गांव की गोरी
फिल्म मिस टनकपुर में सभी को अपने देसी अंदाज से हैरान कर देने वाली ऋषिता प्रमोशन के दौरान मॉडर्न लुक में नजर आईं। षिता का कहना है कि उन्होंने कभी भी गांव नहीं देखे थे, लेकिन इस फिल्म को करने के बाद उन्हें गांव के लाइव दर्शन हो गए। वहीं, संजय मिश्रा भी अपने देसी अंदाज में नजर आए। संजय पिछली बार दम लगा के हईशा में नजर आए थे।
उत्तराखंड से आई टनकपुर
फिल्म का नाम मिस टकनपुर कहां से आया। यह सवाल जब विनोद से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में रहने के कारण बार-बार मेरा वहां आना-जाना होता था। बस से जाने के दौरान बीच में टनकपुर आता था, इसलिए यह नाम मेरे जेहन में बसा हुआ था। फिर संयोग यह हुआ कि जब मैंने दूसरों को इस फिल्म का नाम बताया तो सभी एक अलग नाम पाकर हैरान हुए और इसी से बात बन गई।
कम पैसे में बड़ा सामान
फिल्म के बजट के बारे में विनोद का कहना है कि हमने एक ईमानदार फिल्म बनाई है। हमारी फिल्म में अच्छे और प्रतिभाशाली कलाकार हैं। कंटेंट में दम है और ट्रेलर का इस तरह से छा जाना यह साबित करता है कि अच्छा कटेंट और अच्छे कलाकार हों तो कम बजट में भी बेहतरीन फिल्म बनाई जा सकती है।
यूट्यूब पर भले ही विनोद कापड़ी की फिल्म मिस टनकपुर को अच्छा रिस्पॉन्स मिला हो, लेकिन फिल्म में किसी सुपरस्टार के न होने से विनोद को शुरुआती दिनों में काफी मुसीबतों का सामना करना पड़ा। विनोद कापड़ी का कहना है कि बॉलीवुड में एक निर्माता-निर्देशक के लिए फिल्म बनाना तो बहुत आसान है, लेकिन फिल्म को बेचना उतना ही मुश्किल। क्योंकि बॉलीवुड में जब कोई बड़ा हीरो किसी फिल्म के साथ जुड़ता है तो उस फिल्म को आसानी से बड़ी निर्माता कंपनी का साथ मिल जाता है, वहीं नई फिल्मों और कलाकारों को काफी कठिनाइयां आती हैं। मैंने अपनी फिल्म के लिए कई लोगों से बात की, लेकिन सब यही सोच रहे थे कि इस फिल्म में कोई सुपरस्टार नहीं है। मैं खुशकिस्मत हूं जो मुझे फिल्म निर्माण कंपनी फॉक्स स्टार स्टूडियो का साथ मिला है और मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि भले ही हमारी फिल्म में कोई सुपरस्टार नहीं है, लेकिन इस फिल्म में काम करने वाले सभी कलाकार सुपर टैलेंटेड स्टार हैं।
टनकपुर पर ठनक गई
मिस टनकपुर में जितने भी कलाकार काम कर रहे हैं। उन सभी की आपस में अच्छी कैमेस्ट्री हो गई है। प्रमोशन के दौरान भी यह कैमेस्ट्री देखने को मिल रही थी। फिल्म में खास भूमिका निभा रहे रवि किशन का कहना है कि जब विनोद ने मुझे फिल्म के बारे में और फिल्म का नाम बताया था तो मैं उन पर भरोसा नहीं कर रहा था। क्योंकि एक तो वह नए निर्देशक हैं और ऊपर से इनकी फिल्म का नाम और विषय कुछ अलग था, लेकिन बाद में जब मैं फिल्म का हिस्सा बना तो मेरी सोच ही बदल गई। आज इस फिल्म के कारण मेरे और विनोद के संबंध खास हो गए हैं। गौरतलब है कि फिल्म की कहानी ग्रामीण परिवेश के एक युवक के बारे में है, जिस पर भैंस मिस टनकपुर के साथ दुष्कर्म का झूठा आरोप मढ़ दिया जाता है। इस आरोप के बदले पंचायत उस युवक को भैंस से शादी करने का फरमान जारी कर देती है।
ऋषिता बनीं गांव की गोरी
फिल्म मिस टनकपुर में सभी को अपने देसी अंदाज से हैरान कर देने वाली ऋषिता प्रमोशन के दौरान मॉडर्न लुक में नजर आईं। षिता का कहना है कि उन्होंने कभी भी गांव नहीं देखे थे, लेकिन इस फिल्म को करने के बाद उन्हें गांव के लाइव दर्शन हो गए। वहीं, संजय मिश्रा भी अपने देसी अंदाज में नजर आए। संजय पिछली बार दम लगा के हईशा में नजर आए थे।
उत्तराखंड से आई टनकपुर
फिल्म का नाम मिस टकनपुर कहां से आया। यह सवाल जब विनोद से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में रहने के कारण बार-बार मेरा वहां आना-जाना होता था। बस से जाने के दौरान बीच में टनकपुर आता था, इसलिए यह नाम मेरे जेहन में बसा हुआ था। फिर संयोग यह हुआ कि जब मैंने दूसरों को इस फिल्म का नाम बताया तो सभी एक अलग नाम पाकर हैरान हुए और इसी से बात बन गई।
कम पैसे में बड़ा सामान
फिल्म के बजट के बारे में विनोद का कहना है कि हमने एक ईमानदार फिल्म बनाई है। हमारी फिल्म में अच्छे और प्रतिभाशाली कलाकार हैं। कंटेंट में दम है और ट्रेलर का इस तरह से छा जाना यह साबित करता है कि अच्छा कटेंट और अच्छे कलाकार हों तो कम बजट में भी बेहतरीन फिल्म बनाई जा सकती है।
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